इस खिलती  हुई सुबह मे...
 थोड़ासा तो थोड़ासा याद तो कर मुजे...
कहा मागी है पूरी जिंदगी तूजसे ...
बस तेरी एक साँस उधार કર मुजे ...

: निरंजन

ટિપ્પણીઓ

આ બ્લૉગ પરની લોકપ્રિય પોસ્ટ્સ

एक नई शुरुआत...

रहस्यमयी पोलो का जंगल: अभिमन्यु की रोमांचक यात्रा