जिंदगी का एक पहेलू है ...
चलते रहेना ...
वक्त चाहे कैसा भी हो ....
बस ....
रुकना नहीं है ...
अगर अछ्छा वक्त है ...
तो ...
जिंदगी जीने के लीये चलते रहो ...
अगर ...
वक्त बुरा है तो ..
समय बिताने के लीये चलते रहो ...
बस चलते रहेना है ...
आखरी मंजिल की और ...
वही पर रास्ते में सकसेस--फैल्यौर ...
नामके कई सारे पड़ाव मिलेंगे ...
वो सारे अच्छे ...
बुरे ...
पड़ावों से निकलकर आती है जिंदगी ...
चलते चलते ...
जितनी भी जिओ ...
सिर्फ लाजवाब होनी चाहिये जिंदगी ....
उसके लीये सिर्फ चलना जरूरी है ...
हर हाल में ...
आखिर जिंदगी ही तो है ...
:निरंजन
एक नई शुरुआत...
नमस्ते दोस्तों, यह ब्लॉग मेरी कलम से लिखी गई कहानियों, मेरे विचार का खजाना है। मैं अपनी भावनाओं, विचारों और अनुभवों को कहानियों के माध्यम से आपके साथ साझा करूंगा। रहस्यमयी कहानियाँ, थ्रिलर कहानियाँ, मेरे विचार, आपका प्यार और प्रतिसाद मेरे लिए प्रेरणादायक है। आइए, मिलकर साहित्य और विचारो की इस नई यात्रा को शुरू करें... बिच मे कुछ समय के लिये कुछ अंगत व्यस्तता के कारण मुझे ब्लॉग से दूर रहना पड़ा था अब नियमित रूप से मिलते रहेंगे... – निरंजन
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