जिंदगी का एक पहेलू है ... चलते रहेना ... वक्त चाहे कैसा भी हो .... बस .... रुकना नहीं है ... अगर अछ्छा वक्त है ... तो ... जिंदगी जीने के लीये चलते रहो ... अगर ... वक्त बुरा है तो .. समय बिताने के लीये चलते रहो ... बस चलते रहेना है ... आखरी मंजिल की और ... वही पर रास्ते में सकसेस--फैल्यौर ... नामके कई सारे पड़ाव मिलेंगे ... वो सारे अच्छे ... बुरे ... पड़ावों से निकलकर आती है जिंदगी ... चलते चलते ... जितनी भी जिओ ... सिर्फ लाजवाब होनी चाहिये जिंदगी .... उसके लीये सिर्फ चलना जरूरी है ... हर हाल में ... आखिर जिंदगी ही तो है ... :निरंजन

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